अबोहर - नोयडा मोड स्थित अक्षरधाम में आयोजित चिकित्सीय अध्यात्मिकता सम्मेलन में भाग लेने वाले वरिष्ठ चिकित्सक इस बात पर सहमत थे कि यदि मानव मात्र की सेवा के लिए चिकित्सा जैसे पावन व्यवसाय को अध्यात्मिकता से जोड़ दिया जाए तो लाखों लोग पहले चरण में ही रोगों से मुक्ति पा सकते हैं। सम्मेलन में दिल्ली, गुडगांव, फरीदाबाद, नोयडा आदि के सैकड़ों वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद थे।
अपोलो अस्पताल चेन्नई के अध्यक्ष डा. प्रताप सी. रैड्डी द्वारा लिखित मुख्य संभाषण इन्द्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल से आए पी. शिवकुमार ने पढ़ा। अन्य वक्ताओं में मूल चंद हार्ट अस्पताल के डाक्टर एच.के. चौपड़ा, ब्लिस पत्रिका के कार्यकारी संपादक विवेकजीवन स्वामी, राष्ट्रभाषा के विद्वान मुनिवत्सल स्वामी शामिल थे।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए डा. स्वामी के नाम वे विख्यात स्वंयप्रकाश स्वामी ने बताया कि बीएपीएस चैरीटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित अस्पतालों में अब तक साढ़े 43 लाख रोगियों का इलाज किया जा चुका है। अढाई लाख से ज्यादा ऑपरेशन किए गए हैं। चलते फिरते औषधालयों द्वारा दूर दराज के गांवों में लगभग 42 लाख रोगियों को राहत प्रदान की गई है। चिकित्सा शिविरों का सवा 2 लाख लोगों ने लाभ उठाया है। 40 लाख से अधिक यूनिट रक्तदान करके जरूरतमंदों की सहायता की गई है। इसके अलावा योगीजी महाराज अस्पताल अहमदाबाद में साढ़े 6 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया गया। जबकि लगभग 10 हजार रोगी दाखिल किए गए और 3 हजार से अधिक रोगियों के ऑपरेशन किए जा चुके हैं। अध्यक्षीय संबोधन में दिल्ली अक्षरधाम के प्रभारी आत्मास्वरूप स्वामी ने कहा कि पाश्चात्य जीवन शैली अपनाने और दिनचर्या सुव्यवस्थित न रखने के कारण देश के प्रत्येक कोने में रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। वातावरण प्रदूषण के कारण संक्रामक रोगों का फैलाव भी ज्यादा हो रहा है। एक तरफ जीवन शैली में सात्विकता लानी होगी वहीं दूसरी ओर चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों को अध्यात्मिकता के परिवेश में रहते हुए दुखी लोगों को राहत प्रदान करने का ईमानदारी से प्रयास करना होगा। उन्होनें कहा कि पवित्रता में असीम शक्ति है और यह प्रत्येक प्राणी मात्र में समाई हुई है।
अपोलो अस्पताल चेन्नई के अध्यक्ष डा. प्रताप सी. रैड्डी द्वारा लिखित मुख्य संभाषण इन्द्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल से आए पी. शिवकुमार ने पढ़ा। अन्य वक्ताओं में मूल चंद हार्ट अस्पताल के डाक्टर एच.के. चौपड़ा, ब्लिस पत्रिका के कार्यकारी संपादक विवेकजीवन स्वामी, राष्ट्रभाषा के विद्वान मुनिवत्सल स्वामी शामिल थे।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए डा. स्वामी के नाम वे विख्यात स्वंयप्रकाश स्वामी ने बताया कि बीएपीएस चैरीटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित अस्पतालों में अब तक साढ़े 43 लाख रोगियों का इलाज किया जा चुका है। अढाई लाख से ज्यादा ऑपरेशन किए गए हैं। चलते फिरते औषधालयों द्वारा दूर दराज के गांवों में लगभग 42 लाख रोगियों को राहत प्रदान की गई है। चिकित्सा शिविरों का सवा 2 लाख लोगों ने लाभ उठाया है। 40 लाख से अधिक यूनिट रक्तदान करके जरूरतमंदों की सहायता की गई है। इसके अलावा योगीजी महाराज अस्पताल अहमदाबाद में साढ़े 6 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया गया। जबकि लगभग 10 हजार रोगी दाखिल किए गए और 3 हजार से अधिक रोगियों के ऑपरेशन किए जा चुके हैं। अध्यक्षीय संबोधन में दिल्ली अक्षरधाम के प्रभारी आत्मास्वरूप स्वामी ने कहा कि पाश्चात्य जीवन शैली अपनाने और दिनचर्या सुव्यवस्थित न रखने के कारण देश के प्रत्येक कोने में रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। वातावरण प्रदूषण के कारण संक्रामक रोगों का फैलाव भी ज्यादा हो रहा है। एक तरफ जीवन शैली में सात्विकता लानी होगी वहीं दूसरी ओर चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों को अध्यात्मिकता के परिवेश में रहते हुए दुखी लोगों को राहत प्रदान करने का ईमानदारी से प्रयास करना होगा। उन्होनें कहा कि पवित्रता में असीम शक्ति है और यह प्रत्येक प्राणी मात्र में समाई हुई है।

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